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शुक्रवार, 14 अगस्त 2015

8:33 pm

क्या हम सच में आजाद हैं ……

      
Source: Bebeautyfulyoucoaching


  आज 15 अगस्त को हम सभी देशवासी बहुत ही ख़ुशी और गर्व   के साथ राष्ट्रीय पर्व के रूप  में मानते है क्योंकि आज  ही  के दिन  15 अगस्त 1947 को हमें आजादी मिली । लेकिन  मेरा सभी से एक सवाल है कि  क्या हम सच में  आजाद है या यह आजादी का पर्व केवल अंग्रेजो की चले जाने की ख़ुशी में मनाते है  ? जरा सोचिये हम अंग्रेजो के  गुलाम क्यों कहलाते थे शायद इसलिए कि वे अपने मनमाने ढंग से अपने फायदे के नियम -कानून बनाते और उसको हमारे पर थोपते थे , वे चाहे जितना हमसे कर वसूलते , हमारे उद्योग -धंधे बंद कर  दिए और अपने सामान को मनमाने दाम पर बेचते , हमारे सैनिको को दो दो बार विश्व युद्ध में भेज दिया ,जिसे चाहे जब चाहे जेल  में डाल  दिया ,  गोली मार दी ,फांसी लगा दिया । इन्ही वजहों से हम अंग्रेजो  के चले  जाने से खुश हैं ।
       लेकिन देखा जाये तो जिन वजहों से हमें अंग्रेजो से नफरत था वो सारी वजह आज  भी हमारे देश में है । आज भी हमारे द्वारा अपने नेता  के रूप में चुने गए सांसद अपने मन मुताबिक कानून बनाते है , अलग- अलग राज्यों में डीज़ल -पेट्रोल और अनेको वस्तुओं पर मनमाने टैक्स वसूले जाते है । आज ऐसी स्थिति आ गई है कि ईमानदार अधिकारी को परेशान किया जाता है कभी-कभी तो उनकी हत्या कर दी जाती है  । छोटे -छोटे बच्चों को बंधुआ मजदूर बनाया जाता है । देश का शिक्षित युवा बेरोजगार घूम रहा है इतना ही नही जब यही युवा अपने मांग  को लेकर सड़क पर उतरता है तो इनपे लाठिया चलायी जाती है ,भ्रष्टाचार और घूसखोरी की तो कोई सीमा ही नही है ।
         तो  दोस्तों मेरा आप सभी से यही सवाल है कि क्या हम वास्तव में आजाद है ? यदि नही तो हम अंग्रेजो  के जाने की खुशी ऐसे  कब तक मनाते रहेंगे और अपने आप को झुठलाते रहेंगे कि हम आजाद है ।